Vedic Astrology

गणेश रूद्राक्ष धारण करने से मिलती है सदबुद्धि

ganesh rudraksha

जिस रुद्राक्ष पर गणेश जी की सूंड के समान अलग से एक धारी उठी हुई दिखाई दे, उसे गणेश रुद्राक्ष कहा जाता है| इसे धारण करने से व्यक्ति को ऋद्धि-सिद्धि, कार्यकुशलता, मान-प्रतिष्ठा, और व्यापार में लाभ आदि की प्राप्ति होती है| यह विद्यार्थी वर्ग के लिए विशेष लाभदायक है, इसे धारण करने से विद्यार्थी की स्मरणशक्ति एवं ज्ञान में वृद्धि होती है| 

उसका बौद्धिक विकास होता है| और परीक्षा में अच्छे अंकों से सफलता प्राप्त होती है| गणेश रुद्राक्ष घर में रखने से पूजन करने से या धारण करने से व्यापार व नौकरी में उन्नति मिलती है, शिक्षा में उच्च स्थान प्राप्त होता है, घर में रिद्धि-सिद्धि का वास होता है, सुख शांति का वातावरण होता है, बच्चों में सद्बुद्धि आती हैं, घर मैं आरोग्यता आती हैं, इस के सानिध्य में व्यक्ति को सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती हैं, मनुष्य सभी प्रकार के सुखों को भोगता हुआ अंत में मोक्ष को प्राप्त करता है। 

ज्ञान को बढ़ाने वाला यह रुद्राक्ष अच्छी कार्य क्षमता प्रदान करता है, इस रुद्राक्ष को पूजन स्थान में रखकर नियमित रूप से पूजा करने से सभी प्रकार के कष्ट समाप्त हो जाते हैं। एवं अनेक मार्ग स्वतः ही खुल जाते हैं। यह भाग्य को बढ़ाता है और सभी प्रयासों में सफलता दिलाता है| इस रुद्राक्ष को सोने चांदी या धागे में धारण किया जा सकता है इस रुद्राक्ष को बुधवार के दिन धारण करना चाहिए।

गणेश रूद्राक्ष का महत्व

सद्बुद्धि के दाता हैं भगवान श्री गणेश और भगवान श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिये, उनका आशीर्वाद हमेशा साथ रखने के लिये पहना जाता है एक अनमोल रूद्राक्ष जिसे कहते हैं गणेश रूद्राक्ष। रूद्राक्ष यानि भगवान रूद्र का अक्ष यानि भगवान शिवशंकर के नेत्रों का जल बिंदु। रूद्राक्ष कई तरह के होते हैं। लेकिन मुख्य रूप से यह गौरी शंकर रूद्राक्ष, गणेश रूद्राक्ष और गौरीपाठ रूद्राक्ष माने जाते हैं। इनमें से भगवान गणेश का रूद्राक्ष निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करता है। विद्यार्थियों के लिये तो यह बहुत ही सौभाग्यशाली माना जाता है।

गणेश रूद्राक्ष विघ्नकर्ता मंगलकर्ता भगवान श्री गणेश, जो कि बुद्धि के देवता रिद्धि सिद्धियों के स्वामी माने जाते हैं उन्हीं श्री गणेश जी का स्वरूप इसे माना जाता है। मान्यता है कि गणेश रूद्राक्ष धारण करने से जातक की बुद्धि पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जिससे जातक अहम निर्णयों को लेने में किसी तरह की दुविधा में नहीं पड़ता। इतना ही नहीं बल्कि यह रूद्राक्ष धारण करने पर जातक के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं व ऐश्वर्य का जीवन भोगते हुए अंत समय मोक्ष को प्राप्त होता है।

नियम-विधि

  • रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति की भगवान गणेश के प्रति गहरी आस्था होनी चाहिए
  • रुद्राक्ष धारण करने वाला व्यक्ति सदाचारी होना चाहिए
  • रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को मांस-मदिरा नहीं करना चाहिए
  • धारण करने के अलावा गणेश रुद्राक्ष की आराधना करें

गणेश रूद्राक्ष की पहचान –

गणेश रूद्राक्ष की विशेष पहचान होती है रूद्राक्ष में भगवान गणेश की आकृति का होना। गणेश रूद्राक्ष में सुंड की तरह का एक उभार देखा जाता है। यह एक बहुत ही दिव्य मनका माना जाता है।

गणेश रूद्राक्ष धारण करने की विधि-

गणेश रूद्राक्ष को लाल धागे या सोने अथवा चांदी के तार में धारण किया जाता है। रूद्राक्ष धारण करने के लिये सोमवार या बुधवार का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन भी इस रूद्राक्ष को धारण करना बहुत ही सौभाग्यशाली व शुभ फलदायी माना जाता है। इसे धारण करने से पहले गंगाजल या दूध से शुद्ध करना चाहिए। पूर्व दिशा में बैठकर इस रुद्राक्ष को धारण करना चाहिए और ऊँ गं गणपतये नमः का 108 बार जाप करना चाहिए। उपरोक्त विधि को संपन्न करने के बाद उत्तर अथवा पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान गणेश का स्मरण करें और रुद्राक्ष को धारण करें।

गणेश रुद्राक्ष के लाभ-

  • गणेश रुद्राक्ष को धारण करने से सभी तरह के क्‍लेशों से मुक्‍ति मिलती है। विशेष फलदायी यह रुद्राक्ष कई समस्याओं का समाधान स्वत: ही कर देता है।
  • गणेश रूद्राक्ष को पहने से व्यक्ति को जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है।
  • भगवान गणेश भगवान शिव के पुत्र हैं इसलिए भगवान शिव का और देवी पार्वती जी का भी आशिर्वाद प्राप्त होता है।
  • गणेश रुद्राक्ष को धारण करने से बुध ग्रह प्रबल होते हैं। और व्यक्ति का बौद्धिक विकाश होता है।
  • गणेश रुद्राक्ष को धारण करने से केतु के अशुभ प्रभावों से भी मुक्‍ति मिलती है।
  • यह रुद्राक्ष मन को स्पष्टता देता है और आपको ईश्वर से जोड़ता है।
  • गणेश रुद्राक्ष पहनने वाले को आध्यात्मिक और भौतिक लाभ प्रदान करता है।
  • यह पहनने वाले की इच्छा को पूरा करता है।
  • यह रुद्राक्षधारी के पापों और पिछले कर्मों को नष्ट कर देता है।
  • यह मन की शांति पाने में मदद करता है।
  • यह एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करता है।
  • यह आपको अपनी इंद्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखने में मदद करता है।
  • यह क्रूर ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने में मदद करता है।
  • यह पहनने वाले को महत्वाकांक्षी बनाता है।
  • जब घर में रखा जाता है तो यह पूरे परिवार में शांति और सद्भावना को पैदा करता है।
  • यह गुस्से को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • रुद्राक्ष धारण करने वाले को नेतृत्व गुणों के साथ और तनाव को दूर करने में मदद मिलती है।

उपरोक्त लाभों से यह स्पष्ट हो जाता है कि गणेश रुद्राक्ष में दैवीय शक्ति समाहित होती है जिनका लाभ मनुष्य को मिलता है परंतु ध्यान रहे केवल वास्तविक रुद्राक्ष के द्वारा ही आप इन शक्तियों को प्राप्त कर सकते हैं। आशा करते हैं कि गणेश रुद्राक्ष आपके जीवन में ख़ुशहाली समृद्धि और संपन्नता लेकर आए। यदि आप भी अपनी कुंडली पर ज्योतिषीय परामर्श पाने के इच्छुक हैं तो कृपया यहां क्लिक करें।

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